बिहार के सीतामढ़ी से हुए हिमालय के दर्शन



कोरोना वायरस के संक्रमण से  पूरी दुनिया के सभी देश गुजर रहे हैं। इस वायरस ने हमारे देश में भी अपना संक्रमण फैला रखा है। इस वायरस की वजह से देश में  लॉकडाउन 3.0  चल रहा है,लोग अब भी घरों में कैद हैं। ज्यादातर इस बार लोगों को कई रियायतें मिली हैं। लेकिन मॉल, जिम, स्कूल, कॉलेज आदि अब भी बंद हैं।


इस लॉकडाउन के बीच कुछ अच्छी  खबरेंं भी मिल रही हैं। ऐसी ही एक खबर सीतामढ़ी जिले की है। दरअसल, लॉकडाउन के चलते वायु प्रदूषण में कमी आई है और इस वजह भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित हिमालय की पहाड़ियां सीतामढ़ी से भी दिखाई देने लगी हैं।  आज सुबह से हो रही बारिश के बीच ये अद्भुत नजारे  को  देखा तो लोग देखकर खुश थे और इस नजारे को लोगों ने अपने कैमरे में कैद कर लिया।

सीतामढ़ी शहर और उसके आसपास के लोगों के लिए यह नज़ारा चर्चा विषय बना हुआ है। लोग अपनी-अपनी छतों से पर्वत चोटियों का नजारा देखकर खुश हो रहे हैं। लोग बार-बार देख रहे हैं अपने कैमरे में भी कैद कर रहे हैं। मंगलवार की सुबह लगातार हुई बारिश से आसमान बिल्कुल साफ है। जिससे दूर हिमालय पर्वत की चोटियां चमचमाती दिख रही हैं।



अब इसी वायरल तस्वीर को देख लीजिए। क्या ऐसा लग रहा है कि बिहार के किसी जिले से हिमालय की इतनी साफ फोटो मिल सकती है। ये तस्वीरें बिहार के शिवहर जिले से ली गई हैं। इन तस्वीरों को मनोज कुमार नाम के एक Twitter user ने ट्वीट किया है। अब ये तस्वीरें वायरल हो रही हैं।जरा सोचिए कि शिवहर से हिमालय पर्वत श्रृंखला की दूरी करीब-करीब 270 किलोमीटर है। ऐसे में इस तस्वीर का बगैर प्रदूषण के ऐसा दिखना तो नामुमकिन ही था।


यह तस्वीर बिहार की रहने वाली  Ritu Jaiswal ने  Twitter पर  शेयर की। उन्होंने फोटो फोटो के caption में लिखा, ‘हम सीतामढ़ी जिले के अपने गांव सिंहवाहिनी में अपने छत से Mt Everest देख सकते हैं आज। प्रकृति खुद को संतुलित कर रही है। नेपाल के नजदीक वाले पहाड़ तो बारिश के बाद साफ मौसम में कभी-कभी दिख जाते थे। असल हिमालय के दर्शन अपने अपने गांव से आज पहली बार हुए।



गांव के लोग बोल ऐसा नाजारा 70 के दशक मे दिखा था. ये सब देखकर ऐसा लग रहा की प्रकृति को फिर से उभरने का मौका मिल रहा है. हमें जरूरत है कि इन नजारों को लॉकडाउन के बाद भी बरकरार रखें!



1 Comments

Post a Comment

Previous Post Next Post